बस्ती सड़क हादसे में चार की मौत घायल बच्चे ने होश में आते ही पूछा, मम्मी-पापा को भी लगी थी चोट, कहां हैं…बुलाओ न

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बस्ती में सड़क हादसे में मां-बाप की मौत से अंजान, घायल दो मासूमों (प्रणव और वैष्णवी) की बातों को सुनकर बृहस्पतिवार को सब सन्न रह गए। दोनों का गोरखपुर के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस बीच चाचा को सामने देखते ही घायल बच्चे बोल पड़े कि मम्मी-पापा कहां हैं, उनको भी तो चोट लगी थी। बुलाओ न…
इस सवाल का सही जवाब तो चाचा के पास नहीं था। बस यही बताया कि वे भी ठीक हैं, इलाज चल रहा है। अभी नहीं मिल सकते। यही कहकर कुछ देर के लिए तो उन्हें चुप करा दिया गया, लेकिन थोड़ी देर बाद अस्पताल में भर्ती बच्चे मां-बाप के पास जाने की जिद करने लगे। किसी तरह से परिवार वाले दोनों को समझा रहे हैं।
बस्ती में हुए सड़क हादसे में दो बच्चे प्रणव और वैष्णवी घायल हुए हैं। दोनों को गंभीर चोटें आई हैं। दोनों कभी होश में आ रहे, तो कभी बेहोश हो जा रहे हैं। होश में आने पर माता-पिता के बारे में पूछ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, शाहपुर इलाके के श्रीरामनगर कॉलोनी जंगल मातादीन निवासी डॉ. ओमनारायण श्रीवास्तव हीरालाल पीजी कॉलेज से सेवानिवृत्त हैं। उनकी बेटी निशा श्रीवास्तव की बेटी की शादी प्रयागराज से हुई। इसी शादी समारोह में शामिल होने के लिए सेवानिवृत्त शिक्षक परिवार सहित गए थे। लौटते समय बस्ती के कप्तानगंज में हादसा हो गया, जिसमें चालक के साथ सेवानिवृत्त शिक्षक के बेटे रवि कुमार श्रीवास्तव (45), बहू वंदना श्रीवास्तव (40) और पत्नी रत्ना श्रीवास्तव (67) की मौत हुई है। जबकि, हादसे में रवि का बेटा प्रणव (14), बेटी वैष्णवी श्रीवास्तव (7) और खुद ओमनारायण घायल हैं। रवि परिवार सहित पादरीबाजार में रहते थे।   बस्ती सड़क हादसे में रवि, उनकी पत्नी वंदना व मां रत्ना का शव बृहस्पतिवार देर रात गोरखपुर लाया गया। साथ ही राप्ती नदी के तट राजघाट पर अंतिम संस्कार किया गया। एक साथ पति-पत्नी और मां की चिता जलने पर मौजूद लोगों की आंखों में आंसू आ गए। जो जहां खड़ा था, वहीं सिसकियां भरने लगा। सड़क हादसे में चार लोगों की मौत पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक जताया है। मेयर सीताराम जायसवाल और उपसभापति ऋषि मोहन वर्मा को पीड़ित परिवार से मिलने के लिए भेजा। मेयर ने राजघाट जाकर पीड़ित परिवार के लोगों से मिले और शोक संवेदना जताई। ओम नारायण परिवार के साथ नातिन के शादी में शामिल होने के लिए चार जून को गोरखपुर से प्रयागराज गए थे। उनके साथ उनकी पत्नी रत्ना श्रीवास्तव भी गईं थीं। पांच जून को शादी समारोह समाप्त होने बाद वे लोग बड़े लड़के के पास फतेहपुर चले गए। फतेहपुर में एक कंपनी में उनका बड़ा बेटा कार्यरत है, जहां वे लोग करीब 9 दिन रहे। 15 जून को दोपहर 2:30 बजे डॉ. ओमनारायण परिवर के साथ निजी कंपनी की कार से गोरखपुर के लिए निकले। बुधवार रात बस्ती के कप्तानगंज थानाक्षेत्र के बलुआ में कार में किसी वाहन ने ठोकर मार दिया और परिवार के तीन लोगों सहित चार की जान चली गई। कुदरत का कहर देखिए कि प्रणव और मासूम वैष्णवी के सिर से माता-पिता का साया छिन गया। वे गंभीर रूप से अस्पताल में भर्ती हैं। 73 वर्ष की उम्र में ओमनारायण से उनकी पत्नी का साथ छूट गया और बेटा व बहू भी नहीं रहे। मासूम बच्चों के जीवन का भार उनके बुजुर्ग कंधों पर आ गया।
हादसे में घायल डॉ. ओमनारायण सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। उन्होंने अपनी पत्नी, बड़े बेटे और बहू को हादसे में खो दिया। उनके छोटे बेटे दीपक गोरखपुर में प्राइवेट नौकरी करते हैं। हादसे की खबर सुनकर दीपक रो-रोकर अचेत हो गए। उनके सामने एक साथ अपने तीन लोगों को खोने का गम था, तो दूसरा तीन लोगों की जान बचाने और इलाज की चुनौती। दीपक का परिवार अस्पताल में घायलों का इलाज करा रहा है।

Report- Akanksha Dixit.

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Author: uv24news

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