PM मोदी का नार्को टेस्ट कराना चाहिए, कपिल मिश्रा को जवाब दे AAP नेता ने पूछा- क्या CBI तटस्थ एजेंसी है

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सौरभ भारद्वाज ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘बीजेपी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लाई डिटेक्टर टेस्ट और नार्को-एनालिसिस से गुजरने के लिए कहना चाहिए और यह बताना चाहिए कि क्या सीबीआई तटस्थ है? कपिल मिश्रा द्वारा मनीष सिसोदिया को लाई डिटेक्टर टेस्ट से गुजरने का चैलेंज देने के बाद अब आम आदमी पार्टी ने इसपर अपना जवाब दिया है। मंगलवार को आम आदमी पार्टी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लाई डिटेक्टर टेस्ट करवाना चाहिए और पूछना चाहिए क्या सीबीआई और ईडी जैसी एजेंसियां तटस्थ एजेंसियां हैं और क्या इनका बीजेपी से कोई लेना देना नहीं है।
आम आदमी पार्टी (AAP) की यह प्रतिक्रिया तब सामने आई है जब भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने मनीष सिसोदिया को चुनौती देते हुए कहा था कि सीबीआई से पूछताछ के बाद मीडिया में आकर उन्होंने जो बयान दिया था कि जांच एजेंसी ने उनपर आप छोड़ने का दबाव बनाया और भगवा पार्टी में शामिल होने के लिए कहा था। इस बयान को लेकर वो नार्को टेस्ट कराएं या फिर माफी मांगें। भाजपा नेताओं ने भी कहा था कि सिसोदिया के आरोप शर्मनाक हैं और यह सीबीआई द्वारा दिल्ली आबकारी नीति को लेकर किये जा रहे जांच को प्रभावित करने की कोशिश है। आप के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘बीजेपी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लाई डिटेक्टर टेस्ट और नार्को-एनालिसिस से गुजरने के लिए कहना चाहिए और यह बताना चाहिए कि क्या सीबीआई और ईडी जैसी एजेंसियां तटस्थ हैं तथा इन एजेंसियों का केंद्र से कोई लेना-देना नहीं है।’ सौरभ भारद्वाज ने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसियां एक स्वतंत्र संस्था है यह सबसे बड़ा झूठ है। भारद्वाज ने कहा कि बड़ी आसानी से झूठ बोलने में प्रधानमंत्री मोदी देश में सभी नेताओं के लीडर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लाई डिटेक्टर और नार्को टेस्ट कराना चाहिए तथा बताना चाहिए कि क्या जिनके 10 लाख करोड़ का लोन माफ किया गया वो उनके दोस्त नहीं हैं। क्या वो ऐसा करेंगे? बता दें कि दिल्ली आबकारी घोटाले में मनीष सिसोदिया से सीबीआई ने सोमवार को 9 घंटे तक लंबी पूछताछ की थी। सीबीआई कार्यालय से बाहर आने के बाद दिल्ली के डिप्टी सीएम ने कहा था कि सीबीआई ने उन्हें आम आदमी पार्टी छोड़ने के लिए कहा था। इतना ही नहीं सिसोदिया ने यह भी कहा था कि जांच एजेंसी ने उन्हें सीएम पद का ऑफर भी दिया था लेकिन मैंने मना कर दिया।
दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने आबकारी नीति घोटाले में सीबीआई जांच के आदेश दिये थे। इसके बाद सीबीआई ने इस सिलसिले में डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के आवास पर छापेमारी भी की थी। आम आदमी पार्टी लगातार यह बात कह रही है कि दिल्ली में कोई शराब घोटाला नहीं हुआ और बीजेपी गुजरात ुचनाव में अपने हार को देखते हुए आम आदमी पार्टी के नेताओं को एजेंसियों के जरिए डराने की कोशिश कर रही है। शराब नीति घोटाले में मनीष सिसोदिया सहित कई अन्य लोगों पर गंभीर आरोप हैं। इन्हीं आरोपों के सिलसिले में पूछताछ के लिए सीबीआई ने डिप्टी सीएम को समन भेज कर बुलाया था। सीबीआई की पूछताछ को लेकर जिस तरह से मनीष सिसोदिया ने मीडिया में अपनी बात रखी उसके कुछ ही देर बाद सीबीआई ने डिप्टी सीएम की बातों का खंडन भी किया था। सीबीआई की तरफ से साफ किया गया था कि मनीष सिसोदिया से शराब घोटाले से संबंधित सवाल पूछे गए थे। पूछताछ की पूरी कार्रवाई कहीं से भी राजनीति से प्रेरित नहीं थी। सीबीआई ने साफ किया था कि पूछताछ की प्रक्रिया पूरी कानूनी थी।

Report- Akanksha Dixit.

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Author: Akanksha Dixit

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